Saturday , 5 April 2025
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उत्तराखंड: देवभूमि मुझे हमेशा आकर्षित करती है, उत्तराखंड मेरी कर्म और मर्म भूमि

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स ऋषिकेश से देशभर के अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में 35 ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ किया। पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरूआत भारत माता के साथ किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उन्हंे हमेशा ही आकर्षित करती रही है। मां गंगा के समीप हम सभी को उनका आशीर्वाद मिल रहा है। पीएम मोदी ने सभी देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने कहा कि आज मां शैलपुत्री का दिन है। पीएम ने कहा कि मां शैलपुत्री हिमालय पुत्री  हैं और आज के दिन मेरा यहां होना, यहां आकर इस मिट्टी को प्रणाम करना, हिमालय की पवित्र धरती को प्रणाम करना, इससे बड़ा जीवन में कौन सा पल हो सकता है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं एक विशेष रूप से भी बधाई देना चाहता हूं। क्योंकि इस बार टोक्यो ओलंपिक में देवभूमि ने भी अपना झंडा गाड़ दिया। इसलिए आप सब अभिनंदन के अधिकारी हैं। उत्तराखंड की धरती ने मुझ जैसे अन्य लोगों के जीवन की धारा को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। यह भूमि इसलिए मेरे लिए महत्वपूर्ण है। इस भूमि से मेरा नाम का भी है और कर्म है। सत्व का तत्व भी है।

उन्होंने कहा कि जैसा मुख्यमंत्री धामी ने याद दिलाया कि आज ही के दिन 20 साल पहले मुझे जनता की सेवा का एक नया दायित्व मिला था। लोगों की सेवा क कार्य 2001 में शुरू हुआ था। सरकार के मुखिया के तौर पर पहले मुख्यमंत्री और देश के लोगों के आशीर्वाद से देश के प्रधानमंत्री पद पर पहुंचना, इसकी कल्पना मैंने कभी नहीं की। 20 वर्षीय अखंड यात्रा आज अपने 21वें वर्ष में प्रवेश कर रही। इस महत्वपूर्ण वर्ष शुरूआत उस धरती से कर रहा हूं, जिस धरती ने मुझे निरंतर अपनत्व दिया है।

मैं अपना सौभाग्य समझता हूं कि हिमालय के भाई और बहनों योग और आयुर्वेद की शक्ति से जिस क्षेत्र ने जीवन को आरोग्य बनाने का समाधान दिया। वहीं, से आज देश भर में अनेक नए ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण हुआ है। देश के अलग-अलग राज्यों में ऑक्सीजन प्लांट की नई सुविधा के लिए मैं आप सभी को देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

उन्होंने कहा कि 100 साल के इस सबसे बड़े संकट का सामना हम भारतीय इस बहादुरी से कर रहे हैं, यह दुनिया बहुत बारीकी से देख रही है। कोरोना से लड़ाई के लिए इतने कम समय में भारत ने जो सुविधाएं तैयार की, वह हमारे देश के सामर्थ्य को दिखाता है। देश के दूरदराज वाले इलाकों में भी नए वैक्सीन का तेजी से और बड़ी मात्रा में निर्माण किया।  दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज टीकाकरण अभियान भारत में चल रहा है। जो हमने कर दिखाया, दुनिया उसकी कल्पना भी नहीं कर सकती है। वह हमारी संकल्प शक्ति, हमारे सेवाभाव, हमारी एकजुटता का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की कोरोना से लड़ाई के लिए एक बड़ी चुनौती हमारी जनसंख्या तो थी ही, भारत का भूगोल भी बड़ी चुनौती रहा। ऑक्सीजन की सप्लाई से लेकर वैक्सीन तक यह दोनों चुनौतियां देश के सामने आती रही। इनसे कैसे लड़ा यह जानना, यह समझना हर देशवासी के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सामान्य दिनों में भारत में 1 दिन में 900 मेट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। भारत ने मेडिकल ऑक्सीजन का प्रोडक्शन 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ाया है, यह दुनिया के किसी भी देश के लिए अकल्पनीय लक्ष्य था। लेकिन इसे हमने हासिल करके दिखाया।

एक बहुत बड़ी चुनौती यह थी कि ऑक्सीजन को कैसे पहुंचाया जा सके। इसे किसी साधारण टैंकर में नहीं लेजाया जा सकता था। इसके लिए खासकर तरह के टैंकर चाहिए था। हमने वो भी कर दिखया। ऑक्सीजन प्रोडक्शन का काम सबसे ज्यादा पूर्वी भारत में होता है, जबकि जरूरत दूसरे राज्यों में सबसे अधिक थी, ऐसे में यह काम और अधिक चुनौतीपूर्ण था। हमने देश और दुनिया में दिन-रात जहां से भी संभव हुआ, वहां से ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन टैंकर लाए। स्पेशल ऑक्सीजन ट्रेन चलाई र्गइं। खाली टैंकरों को तेजी से पहुंचाने के लिए वायुसेना के विमान लगाए गए। प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए डीआरडीओ के माध्यम से तेजस फाइटर प्लेन की टेक्नोलॉजी को लगाया गया।

इससे ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर काम तो तेज हुआ ही, एक लाख से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के लिए पैसा भी दिया गया। साथियों भविष्य में कोरोना से लड़ाई के लिए हमारी तैयारी और पुख्ता हो, इसके लिए देश भर में भी ऐसे ऑक्सीजन प्लांट का नेटवर्क तैयार हो रहा है। पीएम केयर फंड से 1150 से अधिक ऑक्सीजन प्लांट काम करना शुरू कर चुके हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें के प्रयासों से देश को करीब 4000 नए ऑक्सीजन प्लांट मिलने जा रहे हैं। ऑक्सीजन की चुनौती का मुकाबला करने में और देश के अस्पतालों की हालत सुधारने में तेजी से काम चल रहा है। इनती स्थिति पहले से कई गुना सुधर गई है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बहुत जल्द 100  प्रतिशत पहली डोल लगाने वाला राज्य हो जाएगा। पीएम ने कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री और उनकी पूरी टीम को यहां के हर छोटे-मोटे सरकार के साथियों को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि तराई की समतल भूमि है, भाषा व कामों में सरलता रहती है। मेरा इस धरती से बहुत जुड़ाव रहा है।

यहां ऑकसीजन पहुंचाना और वैक्सीन की डोज पहुंचाना बहुत कठिन होता है। हिमालय के पहाड़ों के उस पार पहुंचकर लोगों के पास जाना कितना कठिन होता है, यह हम भली भांति जानते हैं। उसके बावजूद भी इतनी बड़ी सिद्धि प्राप्त करना वाकई आप सब अभिनंदन के अधिकारी हैं। जनता की अपेक्षा, जनता की आवश्यकताओं का समाधान करते हुए इस बात का इंतजार नहीं करते कि उसके लिए क्या कष्ट उठाना पड़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि गरीब नागरिकों को पक्के घर दिए जा रहे हैं। बिजली, पानी, शौचालय हों या फिर गैस कनेक्शन हांे। 80 करोड़ से अधिक लोगों को राशन देना हो। किसानों के खाते में सीधे पैसा पहुंचाना हो। उन्होंने का कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। गरीब और मध्यम पर की बचत भी हो रही है और उसे सुविधा भी मिल रही है। पहले जब किसी को गंभीर बीमारी होती थी, आर्थिक मदद के लिए यहां-वहां नेताओं या फिर सरकारी अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। आयुष्मान भारत में इस परेशानी को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

अस्पताल के बाहर लंबी लाइनों में इलाज में होने वाली देरी। मेडिकल हिस्ट्री का अभाव। इस वजह से कितने लोग परेशान होते, आयुष्मान भारत मिशन के जरिए पहली बार इसका समाधान करने का प्रयास भी शुरू हुआ। साथियों छोटे-छोटे उपचार के लिए बीमारी के दौरान चेकअप के लिए बार-बार आना-जाना कितना मुश्किल होता है, यह उत्तराखंड के लोगों से बेहतर कौन जानता है। सरकार की योजना से लोगों को अब घर पर ही सुविधाएं मिलनी शुरू हो गई हैं।

देशभर में 22 एम्स बना चुके हैं। पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में एम्स को नेटवर्क बनाने की तरफ हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का यह भी लक्ष्य है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज जरूर हो। इसके लिए बीते 7 वर्षों में देश में 170 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। दर्जनों नए मेडिकल कॉलेज का काम जारी है। उत्तराखंड में भी रुद्रपुर, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण का सपना अटल जी ने पूरा किया था। अटल जी मानते थे विकास का सीधा कनेक्शन कनेक्टिविटी से है। आज देश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हो रहा हैं। मुझे संतोष है कि उत्तराखंड की सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही।

बाबा केदार के आशीर्वाद से केदार धाम की भव्यता को और बढ़ाया जा रहा है। वहां श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मैं ड्रोन कैमरा के माध्यम से इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करता रहता हूं। चार धाम को जोड़ने वाली ऑल वेदर रोड पर काम तेजी से चल रहा है। चारधाम परियोजना देश दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बहुत बड़ी सुविधा तो बन रही है। गढ़वाल और कुमाऊं के चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों को भी आपस में जोड़ रही है। कुमाऊं में चार धाम रोड के हिस्से से इस क्षेत्र के विकास को नया आयाम मिलने वाला  है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के अलावा देहरादून हवाई अड्डे की क्षमता को 250 से बढ़ाकर 1200 पैसेंजर तक पहुंचाया गया है।

मुख्यमंत्री के ऊर्जावान नेतृत्व में उत्तराखंड में हेली सेवाओं को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। पानी की कमी को लेकर भी उत्तराखंड में आज सराहनीय कार्य शुरू हुआ है। हर घर जल और नल जलजीवन मिशन योजना के तहत अच्छा कार्य हो रहा है। जल जीवन मिशन शुरू होने से पहले 12,0000 घरों में ही पानी पहुंचा था। आज उत्तराखंड के 71,0000 से ज्यादा घरों में जल पहुंचने लगा है। जल जीवन मिशन से हो रहा पानी का कनेक्शन महिलाओं को बहुत राहत दे रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड की देश की सुरक्षा में बहुत बड़ी भूमिका है। यहां के वीर भारतीय सुरक्षा बलों की आन-बान और शान है। हमारी सरकार हर पल पूर्व फौजी से लेकर देश की सीमओं पर तैनात हर सैनिक के हितों के लिए काम कर रही है। वन रैंक वन पेंशन को लागू करके अपने फौजी भाइयों की 40 साल पुरानी मांग पूरी की और हमारे धामी जी तो खुद ही सैनिक के बेटे हैं। उन्होंने कहा कि हमरो राष्ट्रीय वार मेमोरियल बनाकर देश के सैनिकों  का सम्मान किया। सैनिकों के प्रमोशन की समस्या को समाप्त किया। आर्मी के साथ नौसेना और वायुसेना के शहीदों को भी हमारी सरकार हर तरह से मदद कर रही है।

हमारी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का अभियान चलाया है। सरकार के प्रयासों को लाभ उत्तराखंड को होगा। यहां के लोगों को भी होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम दशकों की उपेक्षा से देव भूमि को निकालने का बहुत ईमानदारी और पूरी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। बेहतरीन शासक बनने के बाद वीरानी फिर से आबाद होने लगे। कोरोनाकाल में मेरी यहां के अनेक युवाओं से, किसानों से कई बार बातचीत हुई। जब वह बताते हैं कि उनके घर सड़क पहुंच चुकी हैं। उन्होंने होम स्टे खोल दिया है। उद्योगों के लिए युवाअ उत्साहित हैं। युवा ऊर्जा से भरपूर हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अपने गठन के 25 वर्ष में प्रवेश करेगा। उत्तराखंड के लिए यही सही समय है। केंद्र और राज्य सरकार यहां के लोगों के सपनों को पूरा करने का पूरा प्रयास कर रही है। यही विकास का आधर है। बाबा केदार की कृपा से हम हर संकल्प को पूरा करें, यही हमारी कामना है।

About प्रदीप रावत 'रवांल्टा'

Has more than 19 years of experience in journalism. Has served in institutions like Amar Ujala, Dainik Jagran. Articles keep getting published in various newspapers and magazines. received the Youth Icon National Award for creative journalism. Apart from this, also received many other honors. continuously working for the preservation and promotion of writing folk language in ranwayi (uttarakhand). Doordarshan News Ekansh has been working as Assistant Editor (Casual) in Dehradun for the last 8 years. also has frequent participation in interviews and poet conferences in Doordarshan's programs.

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