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LPG संकट के बीच देशभर में ECA लागू, क्या है यह एक्ट?

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे भारत सहित कई देशों में LPG (रसोई गैस) की उपलब्धता पर असर पड़ रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act, 1955) के तहत आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल किया है।

5 मार्च 2026 को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रोपेन और ब्यूटेन (LPG के मुख्य घटक) की धाराओं का अधिकतम उपयोग एलपीजी उत्पादन के लिए करें। इन धाराओं को अब पेट्रोकेमिकल उत्पादों या अन्य औद्योगिक उपयोग के लिए डायवर्ट नहीं किया जा सकेगा।

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आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि उत्पादित LPG को केवल तीन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL)को उपलब्ध कराया जाए, जो इसे केवल घरेलू उपभोक्ताओं (रसोई गैस) के लिए वितरित करेंगी।

क्यों लिया गया यह कदम?

सरकार का कहना है कि एलपीजी घरेलू स्तर पर खाना पकाने के लिए एक आवश्यक ईंधन है, जिसकी निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना सार्वजनिक हित में है। भारत की अधिकांश एलपीजी मांग आयात से पूरी होती है, और 80% से अधिक आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से आता है, जहां वर्तमान संघर्ष के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित है। इससे स्टॉक में कमी आई है (कुछ रिपोर्ट्स में 25 दिनों के स्टॉक का जिक्र)। इस कदम से घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है और संभावित कमी को रोका जा सकेगा।

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आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (ESMA) क्या है?

यह कानून आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, भंडारण, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करता है। सरकार स्टॉक सीमा तय कर सकती है, जमाखोरी और कालाबाजारी रोक सकती है। उल्लंघन पर 3 महीने से 7 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। यह कानून पहले भी खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी वस्तुओं की कमी के समय लागू किया गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश अस्थायी है और घरेलू उपभोक्ताओं की रसोई गैस की सुरक्षा के लिए लिया गया है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में व्यावसायिक (कमर्शियल) एलपीजी की आपूर्ति पर भ्रम की बात कही गई, लेकिन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक आपूर्ति पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, अन्य स्रोतों से जारी रहेगी।

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