देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड पर बयान देते हुए कहा कि सरकार ने मामले में शुरुआत से ही सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि सभी तथ्यों की जांच के लिए तत्काल एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप तीनों आरोपियों को कठोर कारावास की सजा हो चुकी है।
हालिया ऑडियो क्लिप विवाद पर बोलते हुए सीएम धामी ने कहा कि ऑडियो जारी करने वालों से जवाब मांगा जा रहा है, ताकि मामले में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऑडियो में कई तरह की बातें हैं, इसलिए इसकी सत्यता की जांच आवश्यक है। एक ऑडियो के आधार पर विपक्ष राज्य में बड़ा बवंडर खड़ा कर रहा है और राज्य को बदनाम करने के लिए दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है।
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार हर प्रकार की जांच के लिए तैयार है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ऑडियो रिलीज करके फिर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करना क्या कोई षड्यंत्र नहीं है? साथ ही, उन्होंने पूर्व विधायक सुरेश राठौर से भी सार्वजनिक रूप से सामने आने की अपील की।
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य सहित तीन आरोपियों को पहले ही उम्रकैद की सजा हो चुकी है। हाल के ऑडियो विवाद ने मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है, जिस पर विपक्ष सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। सरकार का कहना है कि अगर ठोस सबूत हैं तो जांच से पीछे नहीं हटेगी।
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