Tuesday , 15 September 2026
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IGNFA में 2024 बैच के 111 भारतीय वन सेवा अधिकारियों का दीक्षांत समारोह सम्पन्न, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बांटे प्रमाणपत्र व पदक

देहरादून। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून में शनिवार को भारतीय वन सेवा (आईएफएस) 2024 बैच के परिवीक्षार्थियों का दीक्षांत समारोह वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के दीक्षांत गृह में आयोजित किया गया। समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले अधिकारियों को प्रमाणपत्र एवं पदक प्रदान किए।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि आज प्रशिक्षण पूरा कर रहे युवा अधिकारी वर्ष 2047 में विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि एक सफल लोकसेवक बनने के लिए तकनीकी दक्षता के साथ उच्च नैतिक मूल्य और मानवीय संवेदनाएं भी उतनी ही आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों से जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और मरुस्थलीकरण जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान नवाचार, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के माध्यम से खोजने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीकों का उपयोग केवल आंकड़ों के विश्लेषण तक सीमित न रहकर व्यावहारिक और मानवीय समाधान विकसित करने में किया जाना चाहिए। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि “एक अच्छा अधिकारी वही है, जो सबसे पहले एक अच्छा इंसान हो।”

इससे पूर्व आईजीएनएफए के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने निदेशक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 1938 से यह संस्थान भारतीय वन सेवा अधिकारियों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने बताया कि 2024 बैच के 109 भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों तथा भूटान के दो अधिकारी प्रशिक्षुओं सहित कुल 111 अधिकारियों ने 20 माह का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इनमें से 75 अधिकारियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा हासिल किया।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान वानिकी, वन्यजीव प्रबंधन, पर्यावरणीय सुशासन, उन्नत प्रौद्योगिकी, नेतृत्व विकास तथा क्षेत्रीय अभ्यासों पर विशेष जोर दिया गया। कुल प्रशिक्षण अवधि का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा देश के विभिन्न पारिस्थितिक क्षेत्रों में फील्ड प्रशिक्षण, अध्ययन भ्रमण और साहसिक गतिविधियों के लिए निर्धारित किया गया था।

समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले परिवीक्षार्थियों को विभिन्न पुरस्कार और पदक प्रदान किए गए। राजस्थान संवर्ग की सुश्री प्रतीक्षा नानासाहेब काले ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 2024 बैच की टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। दीक्षांत समारोह में भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि तथा प्रशिक्षु अधिकारियों के परिजन भी उपस्थित रहे।

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