मुंबई। युवा पीढ़ी को देशी गोवंश की उपयोगिता, वैज्ञानिक महत्व, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित गोवंश आधारित प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण समारोह विले पार्ले स्थित संन्यास आश्रम में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। भारतीय गोवंश रक्षण-संवर्द्धन परिषद एवं उमा कल्याण ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में मुंबई और आसपास के 18 शिक्षण संस्थानों में चित्रकला, निबंध, भाषण और काव्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं।

इस अनूठी पहल में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आयोजन को मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग सहित पब्लिक हाई स्कूल, गुरु नानक खालसा कॉलेज और रामनिरंजन झुनझुनवाला कॉलेज का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। समारोह में रामनिरंजन झुनझुनवाला कॉलेज की छात्रा मौसम यादव को 21 हजार रुपये का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।
भवंस कॉलेज के पवनजीत गुप्ता को द्वितीय (11 हजार रुपये) तथा राम नारायण रुइया कॉलेज की तनु सिंह को तृतीय पुरस्कार (5100 रुपये) मिला। इसके अलावा महिमा मिश्रा, ऐश्वर्या शुक्ला और काजल कनौजिया को 1100-1100 रुपये के प्रोत्साहन पुरस्कार दिए गए। विजेताओं को प्रमाण पत्र और मेडल भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में उमा कल्याण ट्रस्ट की ट्रस्टी मीना अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि संचालन वरिष्ठ लेखक वीरेंद्र याज्ञिक ने किया। मुख्य अतिथि श्रीनारायण अग्रवाल ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए गौ सेवा से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि मथुरा-वृंदावन स्थित श्री देवरहा बाबा गोशाला में 10 हजार से अधिक निराश्रित गोवंश का पालन-पोषण किया जा रहा है। गौसेवी महेंद्र संगोई ने कच्छ (गुजरात) स्थित अहिंसा धाम में संचालित गौ संरक्षण कार्यों की जानकारी दी और विद्यार्थियों को वहां आने का निमंत्रण दिया।

सुनील मानसिंहका ने पंचगव्य चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय ने वैदिक परंपरा में गौ माता के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, प्राध्यापक, समाजसेवी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में परिषद और ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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