देहरादून: पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर स्याना चट्टी क्षेत्र में यमुना नदी में जमा भारी मलबे को तत्काल हटाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इस पर संज्ञान लेते हुए उत्तरकाशी जिलाधिकारी को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
गत वर्ष अगस्त महीने में गटगाड़ और डडोटी गाड़ में आए भारी भूस्खलन व भूधंसाव के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिससे यमुना नदी का बहाव अवरुद्ध हो गया। इससे स्याना चट्टी क्षेत्र और वहां स्थित मोटर पुल जलमग्न हो गया था। प्रशासन के प्रयासों से पानी का स्तर तो कम हुआ, लेकिन नदी तल में लगभग 30 फीट ऊंचा मलबा और पत्थर जमा हो गए हैं।
वर्तमान में मात्र 4 फीट अतिरिक्त पानी आने से पुल फिर डूब सकता है और बहने का खतरा पैदा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एक सप्ताह के अंदर मलबा नहीं हटाया गया तो पुल और स्याना चट्टी क्षेत्र को गंभीर क्षति पहुंच सकती है। यमुनोत्री धाम जाने का यह एकमात्र मार्ग है, जिसके बंद होने से लाखों श्रद्धालु दर्शन से वंचित रह जाएंगे। इससे क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा, हजारों लोग बेरोजगार हो सकते हैं और अरबों रुपये की आर्थिक क्षति संभव है।
नए वर्ष में यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने में अब बहुत कम समय बचा है। यदि शीघ्र मलबा नहीं हटाया गया तो चारधाम यात्रा सीजन पर गंभीर असर पड़ेगा और बड़े पैमाने पर तबाही हो सकती है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू होगा।
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