राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान एक बार फिर बड़ा दावा किया कि उन्होंने पिछले 10 महीनों में आठ युद्धों को रोक दिया है। ट्रंप ने कहा, “मेरे पहले 10 महीनों में हमने आठ युद्ध खत्म कर दिए हैं, जिनमें कंबोडिया-थाईलैंड, भारत-पाकिस्तान का संघर्ष भी शामिल है। भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध भी हो सकता था।”
ट्रंप ने आगे कहा कि अगर उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की जान भी जा सकती थी। उन्होंने दावा किया, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने खुद कहा कि मेरे दखल के बिना 35 मिलियन लोग मर सकते थे और प्रधानमंत्री की मौत हो जाती।” ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के अलावा इस्राइल-ईरान, आर्मेनिया-अजरबैजान, कांगो-रवांडा, सर्बिया-कोसोवो, मिस्र-इथियोपिया जैसी अन्य लड़ाइयों को भी रोकने का श्रेय लिया।
इस दौरान ट्रंप ने अपनी विदेश नीति की सफलताओं के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की खास तारीफ की। ट्रंप ने उन्हें “शांतिदूत” बताते हुए कहा कि इनकी मेहनत से अमेरिका ने वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ट्रंप का यह दावा मध्यावधि चुनावों से पहले उनकी उपलब्धियों को हाइलाइट करने का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, कई फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इन दावों को अतिरंजित या विवादास्पद बताया गया है। कुछ संघर्षों में अमेरिकी भूमिका को लेकर संबंधित देशों (जैसे भारत) ने अलग राय जताई है, और कुछ मामलों में संघर्ष फिर से शुरू होने की खबरें भी आई हैं।
यह बयान ट्रंप के “शांति के राष्ट्रपति” (President of Peace) वाले नैरेटिव को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जबकि विपक्षी डेमोक्रेट्स ने इसे अतिशयोक्ति करार दिया है।
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