शिमला/सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की बाजार में रविवार देर रात (11 जनवरी की रात करीब 2:30 बजे) भीषण आग लग गई, जिसमें एक मासूम बच्चे की जान चली गई और 7-9 अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह हादसा इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत एक नेपाली मूल के परिवार के घर से हुई, जहां परिवार द्वारा रात के समय जलती हुई अंगीठी को घर के अंदर ले जाने के कारण आग भड़क उठी। इसके बाद 6-7 एलपीजी सिलेंडरों के फटने से आग ने भीषण रूप धारण कर लिया और तेजी से आसपास के मकानों व दुकानों तक फैल गई। आग ने पुराने बस स्टैंड के पास यूसीओ बैंक बिल्डिंग सहित कई दुकानों और आवासीय मकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
इस दर्दनाक हादसे में एक 7-8 साल के बच्चे (कुछ रिपोर्टों में 8 साल की बच्ची) का शव बरामद किया गया है। बच्चा जिंदा जलकर मारा गया। बचाव दल अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं, जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। अर्की, सोलन, नालागढ़, बोईलुगंज (शिमला) और अम्बुजा प्लांट से कई दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी राहत-बचाव कार्यों में सहायता के लिए तैनात किया गया है। स्थानीय विधायक संजय अवस्थी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
आग पर अब काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन प्रभावित परिवारों का सब कुछ जलकर राख हो चुका है। कई परिवार बेघर हो गए हैं और इलाके में शोक का माहौल है।
प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने और जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। आग लगने के सटीक कारणों की जांच जारी है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट में सिलेंडर विस्फोट और अंगीठी से जुड़े लापरवाही को मुख्य वजह बताया जा रहा है।
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