देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच कराने की सिफारिश कर दी है। यह निर्णय स्वर्गीय अंकिता के माता-पिता के अनुरोध और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अंकिता के परिजनों से मुलाकात की थी, जिसमें उन्होंने मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग रखी थी।
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य शुरू से ही निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है। उन्होंने कहा, “घटना की जानकारी मिलते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक महिला IPS अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया। सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया और प्रभावी पैरवी के कारण उन्हें जमानत नहीं मिली। SIT की गहन जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।”
CM धामी ने भावुक होते हुए कहा, “अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थीं, वह हमारी बहन और बेटी थीं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार किसी भी साक्ष्य या तथ्य की अनदेखी नहीं करेगी। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं और उनकी जांच जारी है।
यह मामला 2022 में सामने आया था, जब रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। तीन आरोपियों को पहले ही सजा हो चुकी है, लेकिन हालिया विवादों और परिवार की मांग के बाद CBI जांच की सिफारिश की गई है। अब इस पर केंद्र सरकार का अंतिम निर्णय होगा।
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