नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र में जारी हंगामे और राजनीतिक तनाव के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में जबरन घुसकर उन्हें गालियां दीं और अभद्र व्यवहार किया। रिजिजू ने कहा कि स्पीकर इस घटना से बहुत आहत हैं और उन्होंने खुद उनसे बात की है।
यह आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं जब विपक्षी दलों ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (नो-कॉन्फिडेंस मोशन) का नोटिस सौंपा था। नोटिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं, जिसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद, डीएमके और अन्य विपक्षी दल शामिल हैं। हालांकि, कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही पक्षपातपूर्ण ढंग से संचालित कर रहे हैं और विपक्षी नेताओं को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है।
रिजिजू के आरोप
- संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रिजिजू ने कहा, “कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं। मैं भी वहां मौजूद था। स्पीकर बहुत नरम और सौम्य स्वभाव के व्यक्ति हैं, अन्यथा सख्त कार्रवाई हो सकती थी।”
- उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल भी मौके पर मौजूद थे और वे सांसदों को उकसा रहे थे, न कि रोक रहे थे।
- रिजिजू ने इसे संसदीय परंपराओं का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह घटना “अभूतपूर्व” है और स्पीकर की गरिमा का अपमान है। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने इस घटना से गहरा आघात महसूस किया है।
विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव नियम 94(सी) के तहत सौंपा है। लोकसभा सचिवालय ने नोटिस प्राप्त होने की पुष्टि की है और प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर चर्चा 9 मार्च को हो सकती है। स्पीकर ओम बिरला ने फैसला किया है कि अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय होने तक वे सदन की कार्यवाही से दूर रहेंगे।
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