जालना (महाराष्ट्र)। पत्रकार-कार्यकर्ता गौरी लंकेश की 2017 में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में आरोपी श्रीकांत पंगारकर 15 जनवरी को होने वाले जालना नगर निगम चुनाव में वार्ड 13 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतर गए हैं। उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा और अन्य दलों के उम्मीदवार हैं, जबकि एकनाथ शिंदे नेतृत्व वाली शिवसेना ने इस वार्ड से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। पंगारकर ने नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होने की कोशिश की थी, लेकिन सार्वजनिक विरोध के बाद पार्टी ने उनकी सदस्यता को स्थगित कर दिया था।
गौरी लंकेश की 5 सितंबर 2017 को बेंगलुरु में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने देशभर में व्यापक चर्चा और बहस को जन्म दिया था। पंगारकर को इस मामले में अगस्त 2018 में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, वे 2018 में महाराष्ट्र एटीएस द्वारा नल्लासोपारा हथियार बरामदगी मामले में भी आरोपी हैं, जिसमें विस्फोटक अधिनियम, यूएपीए सहित गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। कर्नाटक हाईकोर्ट ने सितंबर 2024 में उन्हें जमानत दे दी थी।
पंगारकर का राजनीतिक सफर पुराना है। वे 2001 से 2006 तक अविभाजित शिवसेना के सदस्य के रूप में जालना नगर परिषद के पार्षद रह चुके हैं। 2011 में शिवसेना द्वारा टिकट न मिलने के बाद वे दक्षिणपंथी संगठन हिंदू जनजागृति समिति से जुड़ गए थे।
चुनाव अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कानूनी रूप से केवल दोषी ठहराए गए व्यक्ति ही चुनाव लड़ने से वंचित होते हैं, इसलिए आरोपी होने मात्र से उनकी उम्मीदवारी वैध है। हालांकि, विपक्षी दलों ने ऐसे गंभीर आरोपों वाले व्यक्ति के चुनाव मैदान में उतरने की आलोचना की है।
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