चकराता : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की की महत्वाकांक्षी ‘अनुगूंज’ (Anugoonj) परियोजना के अंतर्गत ग्राम फेडिज (ब्लॉक चकराता) में सोलर आधारित कृषि तकनीकों पर किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा आधारित स्केलेबल मॉडल के माध्यम से आजीविका के अवसर बढ़ाना, स्थानीय नवाचार को प्रोत्साहन देना और समुदायों को तकनीक व बाजार से जोड़ना है।

कार्यक्रम का संचालन आईआईटी रुड़की के वास्तुकला एवं नियोजन विभाग की प्रोफेसर अवलोकिता अग्रवाल तथा टीआईडीईएस बिजनेस इनक्यूबेटर के सीईओ आजम अली खान के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के वैज्ञानिक डॉ. नरेश गौड़ ने भी गरिमामय उपस्थिति दर्ज की।
प्रशिक्षण में किसानों को दो प्रमुख सोलर नवाचारों पर जानकारी दी गई:
- AgroSaver (Solar Animal Security System): खेतों में जंगली जानवरों के प्रवेश पर अलार्म और सूचना देने वाली सोलर आधारित सुरक्षा प्रणाली।
- Bheem 1.0 (Solar Harvesting System): सोलर एवं बिजली से चार्ज होने वाला बहुउपयोगी इलेक्ट्रिक कृषि उपकरण, जो खेती की लागत को करीब 70% तक कम करने में सक्षम है।

कार्यक्रम में उपकरणों की जानकारी, उपयोग विधि, बेसिक मेंटेनेंस, ऑन-साइट इंस्टॉलेशन तथा लाइव डेमो शामिल रहे। AgroSaver के संस्थापक अभिषेक चौहान और KrishiGrow के संस्थापक आरिफ जमाल ने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा सोलर तकनीकों के व्यावहारिक अनुप्रयोग व किसान अनुभवों पर चर्चा की।

इस सफल आयोजन के लिए ब्लॉक एनआरएलएम की डॉ. पूजा गौड़ के सहयोग के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया। यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में कम लागत वाली, टिकाऊ सोलर कृषि समाधानों को बढ़ावा देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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