देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल (लगभग 54 महीने) में युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस दौरान 28 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में स्थायी नौकरियां प्रदान की गई हैं। इससे प्रति माह औसतन 518 युवाओं को सरकारी रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में देहरादून में 1035 सहायक अध्यापकों (प्राथमिक शिक्षा) को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए इस उपलब्धि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि युवाओं के आत्मसम्मान और भरोसे की जीत है। लोक सेवा आयोग, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से ये भर्तियां पूरी की गई हैं।
पारदर्शिता से तेज हुई प्रक्रिया
सरकार ने फरवरी 2023 में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण) कानून लागू किया, जिसे देश का एक मॉडल नकल विरोधी कानून माना जा रहा है। इस कानून के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है। पहले जहां भर्तियों में 2-3 साल लगते थे, अब औसतन एक साल में प्रक्रिया पूरी हो रही है। साथ ही, योग्य युवा अब एक से अधिक विभागों में चयनित हो रहे हैं।
विदेशों में भी रोजगार के अवसर
धामी सरकार ने युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के लिए 9 नवंबर 2022 को मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना शुरू की। इस योजना के तहत आतिथ्य, नर्सिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर जर्मनी और जापान में नौकरियां दी जा रही हैं। अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिनमें से 37 को जापान में रोजगार मिल चुका है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “हमारी सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर रिकॉर्ड भर्तियां की गई हैं, नकल माफिया पर सख्त कानून लागू किया गया है और कौशल विकास के जरिए विदेशी रोजगार के द्वार खोले गए हैं। अगले एक साल में भी विभिन्न आयोगों के माध्यम से रिकॉर्ड भर्तियां पूरी की जाएंगी।”
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