Tuesday , 17 March 2026
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देहरादून में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए DM सविन बंसल के सख्त निर्देश, नजर रखेंगे 30 अधिकारी

देहरादून: वैश्विक परिस्थितियों के कारण एलपीजी गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था में उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध संग्रहण और अनियमित वितरण को पूरी तरह रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।

जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, गैस गोदामों में पर्याप्त मात्रा में घरेलू सिलेंडर उपलब्ध होने के बावजूद ऑनलाइन बुकिंग, डीएससी और ओटीपी प्रक्रिया में अत्यधिक फोन कॉल्स के कारण व्यवधान आ रहा है। इससे उपभोक्ता गैस एजेंसियों पर परिवारजनों और वाहनों के साथ जमा हो रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल प्रभाव से गैस गोदाम से सीधे घरेलू गैस सिलेंडरों का वितरण रोक दिया गया है। अब उपभोक्ता केवल बुकिंग के लिए ही गैस एजेंसी जा सकेंगे, जबकि सभी एजेंसियां बुकिंग के बाद डोर-टू-डोर होम डिलिवरी सुनिश्चित करेंगी। “पहले आओ, पहले पाओ” के बजाय ऑनलाइन/फोन/ऐप के माध्यम से बुकिंग को प्राथमिकता दी जाएगी और पुरानी बुकिंग्स की डिलिवरी को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

इसके अलावा, कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए पहले से गठित क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) को सक्रिय किया गया है। नगर मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में ये टीमें अवैध संग्रहण, रिफिलिंग और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। जनपद की 70 गैस एजेंसियों की निगरानी के लिए 30 अधिकारी नामित किए गए हैं। ये अधिकारी अपनी जिम्मेदारी वाली एजेंसियों का नियमित निरीक्षण करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि बुकिंग केवल निर्धारित ऐप/ऑनलाइन/फोन से हो रही है या नहीं, तथा होम डिलिवरी हो रही है।

नामित अधिकारी बीपीसीएल, एचपीसीएल और आईओसीएल जैसे तेल कंपनियों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर बैकलॉग और न्यायपूर्ण वितरण सुनिश्चित करेंगे। यदि किसी एजेंसी में कालाबाजारी, अवैध संग्रहण या संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो तुरंत संबंधित क्यूआरटी टीम को सूचित किया जाएगा और जांच के बाद विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश का सख्ती से पालन न करने पर गैस एजेंसी मालिकों और संबंधित तेल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 (संशोधित), आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 तथा भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और एजेंसी सील करने तक की सजा शामिल हो सकती है।

यह आदेश जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। प्रशासन का उद्देश्य आम जनमानस तक घरेलू गैस सिलेंडर शीघ्र और सुचारू रूप से पहुंचाना है, ताकि किसी भी उपभोक्ता को परेशानी न हो।

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