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लच्छीवाला टोल के ई-डिटेक्शन सिस्टम ने काटे 42 चालान, जुर्माना पहुंचा सवा चार लाख

देहरादून। देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लच्छीवाला टोल प्लाजा के ई-डिटेक्शन सिस्टम ने एक टैक्सी मालिक को भारी परेशानी में डाल दिया है। वाहन की फिटनेस समाप्त होने के बाद टैक्सी के 42 ई-चालान कट गए, जिनकी कुल राशि ₹4 लाख 15 हजार तक पहुंच गई है।

जानकारी के अनुसार भानियावाला निवासी विजय कुमार की टैक्सी ऑनलाइन बुकिंग ऐप के माध्यम से देहरादून, ऋषिकेश और भानियावाला क्षेत्र में संचालित होती है। वाहन की फिटनेस अवधि समाप्त होने के बावजूद टैक्सी नियमित रूप से लच्छीवाला टोल प्लाजा से गुजरती रही। फरवरी माह से यहां शुरू हुई ई-डिटेक्शन व्यवस्था के तहत हर बार टोल पार करने पर वाहन का स्वतः चालान कटता गया।

चालान की सूचना लगातार मोबाइल पर आती रही, लेकिन वाहन चला रहे चालक ने इन्हें सामान्य रिमाइंडर संदेश समझकर नजरअंदाज कर दिया। जब टैक्सी मालिक को इसकी जानकारी मिली तो उनके होश उड़ गए। उनका कहना है कि जुर्माने की राशि वाहन की मौजूदा कीमत से भी अधिक है और वह इतना बड़ा भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने परिवहन विभाग से राहत देने की मांग की है।

परिवहन विभाग के अनुसार लच्छीवाला टोल प्लाजा पर फरवरी से लागू ई-डिटेक्शन सिस्टम के जरिए बीमा, फिटनेस, पंजीकरण और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता की स्वचालित जांच की जा रही है। दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर तुरंत ई-चालान जारी किया जाता है।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक इस व्यवस्था के तहत अब तक 15 हजार से अधिक चालान जारी किए जा चुके हैं, जबकि इनमें से केवल 578 चालानों का ही भुगतान हुआ है।

परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने मोबाइल पर आने वाले ई-चालान संबंधी संदेशों को नजरअंदाज न करें। साथ ही वाहन के पंजीकरण प्रमाण पत्र में मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि किसी भी उल्लंघन की सूचना समय पर प्राप्त हो सके और भारी जुर्माने से बचा जा सके।

विभाग ने बताया कि वाहन स्वामी एम-परिवहन (mParivahan) ऐप या परिवहन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने वाहन पर लंबित चालानों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

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