देहरादून : उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर VIP कंट्रोवर्सी गरमाई हुई है। खुद को पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर के वीडियो और ऑडियो क्लिप्स से शुरू हुआ यह विवाद भाजपा सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। विपक्षी दल कांग्रेस समेत कई संगठन सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं और सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
सोमवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में राज्यसभा सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और पार्टी का पक्ष रखने की कोशिश की। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बिना आधार के इस भावनात्मक मुद्दे को उछाल रही है और प्रदेश की जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। नरेश बंसल ने कहा, “बीजेपी किसी भी प्रकार की जांच से पीछे नहीं हटती। यदि ठोस तथ्य सामने आएंगे तो उस पर भी जांच होगी। अफवाहें फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेंकना निंदनीय है।”
उन्होंने उर्मिला सनावर के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) का जिक्र करते हुए कहा कि सुरेश राठौर पर भी दबिश डाली जा रही है। दोनों के बयान दर्ज करने के बाद जांच आगे बढ़ेगी। यदि कोई और नाम सामने आता है तो सरकार उसे सलाखों के पीछे भेजने में कोई कोताही नहीं बरतेगी।
हालांकि, जब पत्रकारों ने VIP की पहचान और अंकिता की चैट में उल्लेखित VIP एंगल के जांच से गायब होने पर सवाल किए, तो नरेश बंसल संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा, “एसआईटी ने पूरी जांच की है और कोर्ट ने माना है कि कोई VIP शामिल नहीं है। एसआईटी सदस्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी VIP का सच बताया था। जांच में कोई VIP नहीं मिला। हो सकता है अंकिता और पुलकित अपनी भविष्य की योजनाओं के लिए कुछ बात कर रहे हों।इसके बाद कई और सवालों पर उन्होंने जवाब टाल दिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त कर चले गए।
पूरा मामला क्या है?
अंकिता भंडारी (19 वर्ष) की हत्या सितंबर 2022 में ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में हुई थी। रिसेप्शनिस्ट अंकिता को कथित तौर पर ‘VIP गेस्ट’ को विशेष सेवा देने से इनकार करने पर मार डाला गया था। एसआईटी जांच के बाद रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य सहित तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा हुई।
हाल ही में उर्मिला सनावर ने वीडियो जारी कर दावा किया कि अंकिता की चैट में उल्लेखित VIP एक भाजपा नेता है, जिसे ‘गट्टू’ कहा जाता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में कोई VIP नहीं मिला और चैट में उल्लेखित व्यक्ति नोएडा का धर्मेंद्र कुमार उर्फ प्रधान था, जो हत्या से दो दिन पहले रिजॉर्ट में सिर्फ खाना खाने आया था। विपक्ष का आरोप है कि जांच में VIP एंगल को दबाया गया। 4 जनवरी को देहरादून में बड़े प्रदर्शन हुए और सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई है। भाजपा का कहना है कि ठोस सबूत आए तो जांच से पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन कांग्रेस इसे राजनीतिक हथियार बना रही है।
पहाड़ समाचार निष्पक्ष और निर्भीक