देहरादून: पूर्व पंचायती राज निदेशक और वर्तमान अपर सचिव ओमकार सिंह के कार्यकाल में जिला पंचायत उत्तरकाशी में अभियंताओं की नियुक्ति की गई थी, जिसके लिए निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया था। इस मामले में जांच चल रही है।
दरसअल, मामला जिला पंचायत में दो अतिरिक्त अभियंताओं की आवश्यक्ता का था। जिसकी डिमांड जिला पंचायत ने निदेशालय से की थी। निदेशालय की ओर से आउटसोर्स एजेंसी के जरिए नियुक्ति कर दी थी।
जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण का कहना था कि तत्कालीन पंचायतीराज निदेशक और वर्तमान अपर सचिव ने नौकरियों में गड़बड़ी की है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने जांच की मांग की थी, जिसपर शासन ने जांच के आदेश दिए।
ओमकार सिंह को पंचायतीराज विभाग के हटाने के पीछे उनके विवादों को माना जा रहा है। नियुक्ति मामले में जांच भी चल रही है। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण पर उनके कार्यालय में धरना देने की धमकी देने का आरोप भी लगाया था। साथ ही जान का खतरा बताए हुए सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की थी।
इस मामले ने तूल पकड़ लिया था। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने अपर सचिव के आरोपों को लेकर कड़ा पलटवार भी किया था। उन्होंने इस मामले में देहरादून प्रैस क्लब में पत्रकार वार्ता भी की थी। माना जा रहा है कि इसके चलते ही उनको पंचायतीराज विभाग से हटाया गया है।
ये है आदेश
1-मुख्यमंत्री कार्यालय के सन्दर्भ दिनांक 01.08.2023 के माध्यम से शासन में प्राप्त श्री दीपक कृपया उपर्युका विषयक मा० मुख्यमंत्री जी. उत्तराखण्ड सरकार को सम्बोधित एवं बिजल्वाण-अध्यक्ष जिला पंचायत उत्तरकाशी एवं अन्य जिला पंचायत सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षरित पत्र (प्रति संलग्न) का संलग्नकों सहित सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें।
2-उक्त पत्र के द्वारा जिला पंचायत उत्तरकाशी के अन्तर्गत कनिष्ठ अभियन्ता के 02 अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान किये जाने के अनुरोध के क्रम में निदेशालय पंचायतीराज द्वारा मैसर्स पर्यावरण एवं जनकल्याण समिति किच्छा ऊधमसिंह नगर नामक आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से जिला पंचायत उत्तरकाशी में तैनात किये गये कनिष्ठ अभियन्ता के तैनाती आदेश को निरस्त करते हुए प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करवाये जाने का अनुरोध किया गया है।
3-इस सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निर्देश हुआ है कि कृपया प्रश्नगत प्रकरण का जिला पंचायत केन्द्रीय संक्राम्य सवर्ग नियमावली 1966, जिला पंचायतों के अन्तर्गत एकीकृत संरचनात्मक ढांचे सम्बन्धी शासनादेश संख्या-475, दिनांक 22.09.2021 एवं जिला पंचायतों के अन्तर्गत सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति एवं आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्या-1104 / XII (2)/2014/ 90 (18) 2013, दिनांक 20.05.2014 में निहित प्राविधानों के आलोक में औचित्यपूर्ण परीक्षण करते हुए स्पष्ट जांच आख्या अपने मंतव्य एवं संस्तुति सहित शासन को उपलब्ध कराने का कष्ट करें।