Friday , 22 November 2024
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UTTARAKHAND : पुलिस ने इस SDM को किया गिरफ्तार!, इनसे ठगे थे 15 लाख

देहरादून: पुलिस ने एक फर्जी SDM को गिरफ्तार किया है। पुलिस से सौरभ बहुगुणा के खिलाफ शिकायत की गई थी। उन्होंने बताया कि था कि अश्वनी कुमार श्रीवास्तव नाम के एक व्यक्ति ने कोटड़ा संतौर में जमीन दिलाने के नाम पर फर्जी SDM बनकर उनसे 15 लाख रुपये ठग लिए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की गई। जांच के बाद जो खुलासा हुआ, उसने पुलिस को चैंका दिया।

SSP योगेंद्र सिंह रावत ने निर्देश पर एक टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने फर्जी SDM बनकर धोखाधड़ी करने वाले मुख्य अभियुक्त अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को सुद्धोवाला से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पांच अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन और अलग-अलग बैंकों की पासबुक, चेक बुक, फोटो आईडी और धनराशि बरामद हुई। अभियुक्त को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

पूछताछ के दौरान अभियुक्त अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वह अपने ड्राइवर पंकज शर्मा के साथ अक्सर तहसील के बाहर चक्कर लगाता रहता था। इसी दौरान पंकज शर्मा की मुलाकात सौरभ बहुगुणा से हुई, जिसके द्वारा पंकज शर्मा को बताया गया कि उनकी कोटडा संतौर में जमीन है, जिसमें कुछ समस्या चल रही है।

जमीन विवाद का फायदा उठाकर पंकज शर्मा ने यह बात अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को बताई। इसके बाद पंकज शर्मा ने पीड़ित सौरभ बहुगुणा को यह बताया कि अश्वनी कुमार श्रीवास्तव के साथ काम करता है और वो उसका ड्राइवर है। इसके बाद किशन नगर चैक पर पीड़ित सौरव बहुगुणा के जीजा बलविंदर सिंह के ढाबे पर अक्सर अश्वनी कुमार श्रीवास्तव और पंकज शर्मा खाना खाते थे।

दोनों ने पीड़ित के जीजा बलविंदर सिंह को अपने विश्वास में ले लिया और कोटडा संतूर स्थित जमीन की पटवारी बुलाकर नपाई करवा ली। शिकायतकर्ता सौरभ बहुगुणा को यह यकीन हो गया कि अश्वनी कुमार श्रीवास्तव एसडीएम है। इसके बाद सौरभ बहुगुणा की जमीन दिलाने को लेकर अश्वनी कुमार श्रीवास्तव एवं पंकज शर्मा ने 20,00000 रुपये का खर्चा बताया।

फर्जी SDM बने आरोपी ने अलग-अलग टाइम में सौरव बहुगुणा और उसके जीजा से कुछ 15 लाख रुपये अश्वनी और पंकज शर्मा ने रख लिए। रुपये देने के बाद भी जब जमीन सौरभ बहुगुणा को नहीं मिली तो उसे शक हुआ, लेकिन तब तक अभियुक्तगण फरार हो चुके थे। जिसमें से अभियुक्त अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त ने बताया कि वह कई लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी का प्रयास कर रहा था। इसलिए यह दस्तावेज अभियुक्त ने अपने पास रखे हैं। अभियुक्त पूर्व में भी फर्जी नौकरी दिलवाने के नाम पर कोतवाली नगर जनपद हरिद्वार से जेल जा चुका है।

About प्रदीप रावत 'रवांल्टा'

Has more than 19 years of experience in journalism. Has served in institutions like Amar Ujala, Dainik Jagran. Articles keep getting published in various newspapers and magazines. received the Youth Icon National Award for creative journalism. Apart from this, also received many other honors. continuously working for the preservation and promotion of writing folk language in ranwayi (uttarakhand). Doordarshan News Ekansh has been working as Assistant Editor (Casual) in Dehradun for the last 8 years. also has frequent participation in interviews and poet conferences in Doordarshan's programs.

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