रुड़की (हरिद्वार): उत्तराखंड के रुड़की जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बनारसी गांव में संत रविदास जयंती के दौरान हुई हिंसक घटना में पुलिस की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की गई है। दो लोगों की हत्या के मामले में भगवानपुर थाने के इंस्पेक्टर सूर्य भूषण नेगी और वरिष्ठ उप निरीक्षक रमेश सैनी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके अलावा, चौकी इंचार्ज और दो कांस्टेबलों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
हरिद्वार पुलिस ने अलग से चुड़ियाला हल्का प्रभारी एसआई सूरत शर्मा को भी निलंबित कर दिया है, क्योंकि रविदास जयंती पर दो पक्षों के बीच संघर्ष और गोलीबारी में ढिलाई बरती गई थी। पूरे प्रकरण की जांच एसपी क्राइम हरिद्वार जितेंद्र मेहरा को सौंपी गई है।
घटना का विवरण घटना रविवार को संत रविदास जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा और उसके बाद हुए सामुदायिक भंडारे के दौरान हुई। पुरानी रंजिश के चलते एक ही समाज के दो गुटों में कहासुनी बढ़ गई, जो पथराव, फायरिंग और आगजनी में बदल गई। गोलीबारी में 28 वर्षीय आनंद की मौके पर मौत हो गई, जबकि देर रात खेत से 45 वर्षीय मांगेराम का शव मिला, जिसके शरीर पर पिटाई के निशान थे। तीन अन्य लोग—विकास, योगेंद्र और गगन—घायल हुए और अस्पताल में भर्ती हैं।
CCTV फुटेज में गांव की गलियों में अफरा-तफरी, ताबड़तोड़ फायरिंग और पत्थरबाजी साफ दिखाई दे रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों से कुल 25-26 लोगों के खिलाफ हत्या, बलवा, हत्या के प्रयास, आगजनी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। 40 से अधिक ग्रामीणों (महिलाओं और बुजुर्गों सहित) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। गांव में पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात है, जबकि अधिकांश लोग डर से घर छोड़कर भाग गए हैं।
पुलिस की कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने घटना में लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर सूर्य भूषण नेगी और वरिष्ठ उप निरीक्षक रमेश सैनी को लाइन हाजिर किया। इससे पहले चौकी इंचार्ज और दो कांस्टेबलों को निलंबित किया गया था। चुड़ियाला हल्का प्रभारी एसआई सूरत शर्मा को भी गोलीबारी और संघर्ष में ढिलाई के लिए निलंबित किया गया।
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