रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के सिंद्रवाणी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। एक पांच साल के मासूम बच्चे को गुलदार (तेंदुआ) ने उसकी मां के हाथ से खींचकर जंगल में ले गया। बच्चे की तलाश जारी है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इस घटना के बाद प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बुधवार और गुरुवार (4-5 फरवरी) को क्षेत्र के 8 स्कूलों और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
ये स्कूल रहेंगे बंद
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमसील।
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय सारी।
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिंद्रवाणी।
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय झालीमठ।
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय छिनका।
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय हिलोरीधार।
- राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय छिनका।
- जनता हाई स्कूल ककोड़ाखाल।
स्कूलों के आसपास संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी दो दिन का अवकाश रहेगा। घटना के बारे में जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा रुद्रप्रयाग तहसील के न्याय पंचायत सारी अंतर्गत सिंद्रवाणी गांव में मंगलवार दोपहर को हुआ। बच्चा अपनी मां के साथ घर के बाहर खेल रहा था, तभी अचानक गुलदार ने बच्चे को पकड़कर जंगल की ओर खींच लिया। मां के चीखने-चिल्लाने पर आसपास के ग्रामीण दौड़े, लेकिन गुलदार बच्चे को लेकर जंगल में गायब हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत बच्चे की तलाश शुरू कर दी। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन, वन विभाग की टीम, एसडीआरएफ और स्थानीय निवासियों ने मिलकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। अभी तक बच्चे का कोई पता नहीं चला है। पूरा गांव भय और चिंता में डूबा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे गांवों में गुलदारों के हमले पहले भी हो चुके हैं, लेकिन इस बार बच्चे को उठा ले जाना बेहद दुखद है।
जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल ने कहा, “जंगली जानवरों और मानव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। गांवों में बच्चे और महिलाएं डर के मारे घर से बाहर नहीं निकल पा रहे। प्रशासन को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए, जैसे गुलदारों को पकड़कर जंगल में छोड़ना या स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में गुलदारों की संख्या बढ़ने के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। विभाग ने ट्रैप कैमरे लगाए हैं और रेस्क्यू टीम को सक्रिय किया है। सर्च ऑपरेशन में ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है। प्रशासन ने स्कूलों और आंगनबाड़ियों में अवकाश घोषित कर बच्चों को घर पर रखने की अपील की है। साथ ही ग्रामीणों से सतर्क रहने और अकेले बच्चों को बाहर न भेजने की सलाह दी है।
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