रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले में किसान सुखवंत सिंह की फेसबुक लाइव पर गोली मारकर आत्महत्या के मामले में पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों के बाद बड़ा एक्शन हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने 12 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर थानाध्यक्ष आईटीआई कुंदन सिंह रौतेला और कोतवाली आईटीआई के उप निरीक्षक प्रकाश बिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन का कारण मृतक सुखवंत सिंह के प्रकरण में बरती गई घोर लापरवाही और उदासीनता बताया गया है।
सुखवंत सिंह (निवासी पैगा, काशीपुर) ने मरने से पहले फेसबुक लाइव वीडियो में 4 करोड़ रुपये की भूमि ठगी का आरोप लगाते हुए ऊधमसिंहनगर पुलिस पर उत्पीड़न, धन मांगने और मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने वीडियो में एसएसपी मणिकांत मिश्रा, कुंदन सिंह रौतेला, प्रकाश बिष्ट और अन्य पुलिसकर्मियों के नाम लिए और कहा कि उनके शरीर के अंग बेचकर मिलने वाले पैसे इन्हें बांट दिए जाएं। यह घटना 11 जनवरी 2026 की सुबह नैनीताल के होटल में हुई, जहां सुखवंत ने खुद को गोली मारी।
- दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि में अर्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
- महंगाई भत्ता केवल अवकाश वेतन पर देय होगा, अन्य प्रतिकर भत्ते वास्तविक व्यय के प्रमाण पर।
- भुगतान के लिए प्रमाण-पत्र देना होगा कि वे किसी अन्य रोजगार/व्यापार में नहीं लगे हैं।
- निलंबन के दौरान दोनों को पुलिस लाइन, रुद्रपुर में रहना अनिवार्य।
एसएसपी ने एसपी क्राइम को निर्देश दिए हैं कि प्रकरण में गहन प्रारंभिक जांच कर 2 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट दें। अपर पुलिस अधीक्षक (क्षेत्राधिकारी काशीपुर) को आदेश की प्रति देकर प्राप्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा, 10 अन्य पुलिसकर्मियों (उपनिरीक्षक/चौकी प्रभारी जीतेन्द्र कुमार से लेकर आरक्षी संजय कुमार तक) को भी तत्काल पुलिस लाइन रुद्रपुर आमद करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई सुखवंत सिंह के परिवार के अल्टीमेटम और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जबकि परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।
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