चमोली। बदरीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में गिरफ्तार बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को जिला एवं सत्र न्यायालय, गोपेश्वर ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया है। वहीं पुलिस की जांच में अब बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कई अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
पुलिस द्वारा 25 जून की सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच में आरोपी प्रमोद नौटियाल के साथ कुछ अन्य कर्मचारी भी गणना कक्ष में संदिग्ध गतिविधियां करते दिखाई दिए हैं। इसके बाद जांच एजेंसियों ने संबंधित फुटेज को कब्जे में लेकर अन्य कर्मचारियों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब अलग-अलग तिथियों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इसी क्रम में मंगलवार को 29 जून की फुटेज भी खंगाली जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित अनियमितता किसी एक दिन तक सीमित थी या यह लगातार चल रही थी।
जानकारी के अनुसार, बदरीनाथ मंदिर परिसर में 27 जून से हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इससे पहले लगे कैमरों की गुणवत्ता अपेक्षाकृत कम होने के कारण पुलिस पुराने फुटेज की भी तकनीकी सहायता से बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि जांच के दौरान जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी। मामले में अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ भी की जाएगी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य इस मामले में शामिल संभावित लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की हर कड़ी की गहनता से जांच कर रही है।
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