- नेपाल और तिब्बत में बाढ़ व भूस्खलन से भारी तबाही, नेपाल में 794 और तिब्बत में 16 लोगों की मौत; भारत ने 149 नागरिकों को सुरक्षित निकाला
नई दिल्ली/काठमांडू। नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। रविवार तक नेपाल और तिब्बत में प्राकृतिक आपदा से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 810 हो गई है। इनमें नेपाल के 794 और तिब्बत के 16 लोग शामिल हैं। दोनों देशों में अब भी 3048 लोगों के लापता होने की सूचना है।
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, नेपाल में 2502 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जबकि तिब्बत में 546 लोग लापता बताए गए हैं। नेपाल में लापता लोगों में 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
275 भारतीय नागरिक लापता
नेपाल में लापता लोगों की सूची में 275 भारतीय नागरिकों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय मूल के 128 लोगों से भी अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। इस बीच भारत सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, नेपाल में फंसे 149 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। सरकार नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और लापता भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने तथा उनके सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।
26 अगस्त को आई थी विनाशकारी बाढ़
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में 26 अगस्त की सुबह भारी बारिश और ग्लेशियर टूटने के बाद ल्हेन्दे खोला और भोटे कोशी नदियों में अचानक भीषण बाढ़ आ गई थी। बाढ़ का पानी बेहद तेजी से निचले इलाकों में पहुंचा, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ।
बाढ़ के साथ कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़कें और संपर्क मार्ग बाधित हो गए। कई इलाकों में लोग अचानक आई बाढ़ के कारण फंस गए, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन के साथ सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
विदेशी नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला गया
NDRRMA ने रसुवा और भोटेकोशी क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित तथा 30 अगस्त को बचाए गए विदेशी नागरिकों की सूची भी जारी की है। राहत एवं बचाव दल अब भी प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।
नेपाल में बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता अब लापता लोगों की तलाश, प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाना है।
भारत सरकार भी नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय और नेपाली प्रशासन के बीच समन्वय के जरिए लापता भारतीयों का पता लगाने तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पहाड़ समाचार निष्पक्ष और निर्भीक