Tuesday , 29 September 2026
Breaking News

हरीश रावत की इच्छा: अब बेटे आनंद को मिले चुनावी मौका, बोले- हर बार मैंने कहा, ‘वेट, योर टर्न विल कम’, पार्टी हित में कई बार बेटे का अवसर टाला

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में परिवार की अगली पीढ़ी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। एक विशेष बातचीत में रावत ने कहा कि उनकी दिली इच्छा है कि उनके छोटे बेटे आनंद रावत इस बार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरें और उनकी ‘उत्तराखंडियत’ की सोच को आगे बढ़ाएं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टिकट का फैसला पार्टी को करना है और किसी दूसरे योग्य दावेदार का अधिकार होने पर उसे नजरअंदाज कर आनंद को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए।

हरीश रावत ने कहा कि वह लंबे समय से बेटे आनंद से कहते रहे हैं- ‘वेट, योर टर्न विल कम।’ उनके मुताबिक, कई मौकों पर आनंद चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उन्होंने खुद पार्टी हित को प्राथमिकता देते हुए उसका अवसर टाला।

लालकुआं से जसपुर तक टलता रहा मौका

रावत ने बताया कि जब आनंद यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने लालकुआं सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। लेकिन उस समय पार्टी के भीतर हरीश दुर्गापाल के नाम पर सहमति बन रही थी। रावत ने कहा कि उन्होंने पार्टी हित में आनंद को चुनाव मैदान में उतारने से परहेज किया।

इसके बाद 2017 में आनंद ने जसपुर विधानसभा सीट को चुना। रावत के अनुसार, उस समय उन्होंने भाजपा की चुनौती को देखते हुए मजबूत प्रत्याशी के तौर पर आदेश चौहान को चुनाव मैदान में उतारा। उनका कहना है कि जसपुर जैसी सीट, जहां कांग्रेस को जीत के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती थी, वहां बाद में पार्टी के लिए परिस्थितियां आसान हुईं। हरीश रावत के मुताबिक, उस समय भी उन्होंने आनंद से कहा था कि उसका समय आएगा।

अब बेटे के लिए खुद रखी दावेदारी

हरीश रावत ने कहा कि अब उनकी इच्छा है कि आनंद को चुनाव लड़ने का अवसर मिले। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से भी इस संबंध में बात करने की बात कही है। हालांकि रावत ने अपने बेटे के लिए टिकट की पैरवी करते हुए एक शर्त भी रखी। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित सीट पर कोई अन्य कांग्रेस नेता लंबे समय से दावेदारी कर रहा है और उसका वास्तविक हक बनता है, तो केवल उनके बेटे होने के आधार पर आनंद को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। यदि आनंद मजबूत दावेदार है और चुनाव जीतने की क्षमता रखता है, तभी उसे मौका दिया जाए।

परिवारवाद के सवाल पर हरीश रावत ने अपने ही अंदाज में कहा कि यदि पार्टी किसी अन्य योग्य दावेदार का हक मारकर उनके बेटे को टिकट देती है तो वह उचित नहीं होगा। लेकिन यदि आनंद अपनी योग्यता और जीतने की क्षमता के आधार पर दावेदार बनता है, तो उसे चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए। बस यही परिवारवाद है’

उनका कहना था कि वह अपने बेटे के राजनीतिक अवसर को कई बार खुद रोक चुके हैं और अब चाहते हैं कि उसे भी अपनी राजनीतिक क्षमता साबित करने का मौका मिले।

‘मेरी उत्तराखंडियत की सोच आगे बढ़ाए’

रावत ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा यह है कि उनकी ‘उत्तराखंडियत’ की सोच और उत्तराखंड के साथ उनके रिश्ते को आगे ले जाने वाला कोई व्यक्ति सामने आए। उनके अनुसार, आनंद में इसकी संभावनाएं हैं।

उन्होंने इसके लिए अगली पीढ़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि मछली के बच्चे समुद्र में तैरना नहीं सीखेंगे तो उनका अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। समुद्र अपनी जगह रहेगा, लेकिन तैरना उन्हें खुद सीखना होगा। रावत के इस बयान को राजनीतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की उनकी इच्छा के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

बेटी अनुपमा का भी दिया उदाहरण

हरीश रावत ने अपनी बेटी अनुपमा रावत का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि अनुपमा ने हरिद्वार ग्रामीण जैसी सीट को चुना, जहां कांग्रेस लंबे समय से जीत नहीं पाई थी। पिछली विधानसभा चुनाव में वह खुद वहां से चुनाव लड़े और हार गए थे। इसके बावजूद अनुपमा ने उस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता जारी रखी। रावत ने कहा कि यदि पार्टी कहेगी तो अनुपमा भी चुनाव लड़ेंगी।

2027 से पहले परिवार की राजनीतिक भूमिका पर चर्चा तेज

हरीश रावत के बयान ऐसे समय सामने आए हैं जब उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों में संभावित प्रत्याशियों और सीटों पर मंथन शुरू हो चुका है। आनंद रावत को लेकर हरीश रावत पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी राजनीतिक सोच साझा कर चुके हैं। 2025 में भी रावत ने आनंद को अपनी ‘उत्तराखंडियत’ की सोच से जोड़ते हुए उसके राजनीतिक भविष्य की इच्छा व्यक्त की थी।

About AdminIndia

Check Also

विश्व कौशल प्रतियोगिता में भारत का शानदार प्रदर्शन, चिन्यालीसौड़ की रिटेल सेल्स में सानिया जोशी ने देश के लिए जीता सिल्वर

चीन (शंघाई)। विश्व कौशल प्रतियोगिता WorldSkills Shanghai 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए …

error: Content is protected !!