नई दिल्ली/यरुशलम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रिश्तों को नई मजबूती मिली। पीएम मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए, जिससे रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में सहभागिता बढ़ने की उम्मीद है।
संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘शालोम’ कहकर अपनी बात शुरू की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनके प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसके लिए वे आभारी हैं। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि नौ साल पहले उन्हें पहली बार इजराइल आने का अवसर मिला था और अब नौ साल बाद दोबारा यहां पहुंचना उनके लिए गर्व का क्षण है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्हें ‘स्पीकर ऑफ द नेस्सेट मेडल’ से सम्मानित किया गया है। उन्होंने इस सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों और भारत-इजराइल की स्थायी दोस्ती को समर्पित करते हुए कहा कि यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और मजबूत संबंधों का प्रतीक है।
दूसरी ओर, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पीएम मोदी के दौरे को ‘अद्भुत’ और ‘भावुक’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह छोटा लेकिन बेहद सफल दौरा रहा। नेतन्याहू ने विशेष रूप से केनेस्सेट में पीएम मोदी के संबोधन का जिक्र करते हुए कहा कि उनके भावुक भाषण के बाद शायद ही किसी इजराइली की आंखें सूखी रही हों। उन्होंने इस दौरे को दोनों देशों के दिलों और दिमागों को और करीब लाने वाला बताया।
दोनों नेताओं ने इस दौरान क्षेत्रीय शांति, आतंकवाद विरोधी सहयोग और बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने पर भी जोर दिया। यह दौरा भारत-इजराइल संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ने वाला माना जा रहा है।
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