- आपदा के दूसरे दिन सुबह साढ़े छह बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन.
- मलबे में दबे मिले GREF के वाहन.
- चीन सीमा क्षेत्र का संपर्क प्रभावित.
चमोली। भारत-चीन सीमा से सटी नीती घाटी में अतिवृष्टि के बाद तमक नाले में आए भीषण उफान में बहे सीमा सड़क संगठन (BRO) के कर्मचारी का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मंगलवार सुबह पानी का बहाव कुछ सामान्य होने के बाद तमक क्षेत्र में आपदा से हुई तबाही का मंजर सामने आया। क्षेत्र में जगह-जगह भारी मलबा जमा है और GREF के वाहन भी मलबे में दबे मिले हैं।
लापता कर्मचारी की तलाश के लिए चमोली पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे से ही तमक क्षेत्र में खोज एवं बचाव अभियान में जुट गईं। अभियान में स्थानीय लोग भी सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और भारी मलबे के कारण रेस्क्यू टीमों को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
उफान में बह गया था बैली ब्रिज
सोमवार को क्षेत्र में हुई भारी बारिश के बाद तमक नाला अचानक उफान पर आ गया था। तेज बहाव की चपेट में आने से नीती घाटी को जोड़ने वाला बैली ब्रिज बह गया। इसके साथ ही क्षेत्र में मौजूद वाहनों और अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचा। अचानक आई बाढ़ के कारण भारत-चीन सीमा क्षेत्र की ओर जाने वाला संपर्क भी प्रभावित हुआ है। मंगलवार को नाले का जलस्तर कम होने के बाद घटनास्थल पर तबाही के निशान साफ नजर आए। चारों तरफ मलबा फैला हुआ है। कई स्थानों पर बड़े पत्थर और बोल्डर जमा हैं, जबकि GREF के वाहन भी मलबे में दबे दिखाई दिए।
बारिश के बीच जारी है तलाश
चमोली जिले में सोमवार से बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि मंगलवार को बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण रेस्क्यू अभियान में सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन और बचाव दल तमक नाले के आसपास संभावित स्थानों पर लापता कर्मचारी की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों की निगरानी में पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें खोज अभियान चला रही हैं। वहीं, स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
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