Saturday , 5 April 2025
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उत्तराखंड के इंस्पेक्टर को मिला मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इंवेस्टिगेशन अवार्ड, जानें क्यों है खास

देहरादून: गृह मंत्री अमित शाह ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जांच कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 151 पुलिस कर्मियों को केंद्रीय गृह मंत्री के मेडल फॉर एक्सीलेंस इन इन्वेस्टिगेशन अवार्ड से सम्मानित किया है। इस समारोह में देशभर के 151 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सममानित किए गए।

उत्तराखंड पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार को यह अवार्ड दिया गया है। वे राज्य के इकलौते पुलिस अधिकारी हैं, जिनको इस बार यह सम्मान दिया गया है। सम्मान 2021 के लिए दिया गया है। पदक विजेताओं में विभिन्न राज्यों की पुलिस इकाइयों के अलावा केंद्रीय जांच एजेंसी, जैसे सीबीआई, एनआईए व एनसीबी भी शामिल हैं। गत वर्ष 152 पुलिस पर्सनल को यह सम्मान प्रदान किया गया था। इस बार केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को सर्वाधिक 15 मेडल मिले हैं। एनआईए और एनसीबी के खाते में पांच-पांच पदक गए हैं।

राज्य या केंद्र शासित प्रदेश पुलिस बल में उत्कृष्ट सेवा व जांच पड़ताल के दौरान जांच के उच्च पेशेवर मानकों को बढ़ावा देने के लिए यह पदक मिलता है। खास बात यह है कि यह पदक हेड कांस्टेबल से लेकर पुलिस अधीक्षक तक रैंक के अधिकारियों को दिया जा सकता है। किसी भी अपराध की जांच में उच्च मानकों को स्थापित करके पेशेवर रवैये को बढ़ाने, ईमानदारी, कर्त्तव्यनिष्ठा व काम से असाधारण साहस का परिचय देने वाले पुलिस कर्मियों को यह मेडल 2018 से दिया जा रहा है। इस पदक का उद्देश्य पुलिसर्मियों को प्रोत्साहित करना है।

इसके लिए मिला सम्मान 

वर्ष 2018 में लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र में एक अज्ञात महिला का शव मिला था। 72 घंटे तक शव की शिनाख्त न होने के कारण उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का ही लग रहा था। लिहाजा, पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छुपाने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। काफी दिनों तक जांच करने पर कोई लीड नहीं मिली। इसके बाद खुद एसओ प्रदीप कुमार राणा ने तमाम रूट के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खोजी तो पता चला कि वह महिला एक स्कूटर पर दो युवकों के साथ घटनास्थल की ओर जा रही है। इसके बाद जांच करते हुए प्रदीप राणा व उनकी टीम युवकों तक पहुंच गई।

इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या के इस मुकदमे की मजबूत विवेचना की गई। इससे कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गृहमंत्री पदक की शुरूआत वर्ष 2018 से ही की गई थी। इस साल उत्तराखंड से प्रदीप राणा अकेले पुलिसकर्मी हैं, जिन्हें यह सम्मान दिया गया है।

About प्रदीप रावत 'रवांल्टा'

Has more than 19 years of experience in journalism. Has served in institutions like Amar Ujala, Dainik Jagran. Articles keep getting published in various newspapers and magazines. received the Youth Icon National Award for creative journalism. Apart from this, also received many other honors. continuously working for the preservation and promotion of writing folk language in ranwayi (uttarakhand). Doordarshan News Ekansh has been working as Assistant Editor (Casual) in Dehradun for the last 8 years. also has frequent participation in interviews and poet conferences in Doordarshan's programs.

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