Monday , 12 October 2026
Breaking News

बेरीनाग में तेंदुए का हमला, 16 साल के किशोर को गंभीर रूप से घायल किया

पिथौरागढ़ : जिले में जंगली जानवरों का खौफ बढ़ता जा रहा है। बेरीनाग क्षेत्र के रीठा-रैतौली में रविवार देर शाम एक तेंदुए ने 16 वर्षीय किशोर अमित सिंह बोरा (निर्वासी ठांगा गांव) पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। वहीं थल-चौसला क्षेत्र के कई गांवों में भालू की दहशत से ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है।

तेंदुए का हमला, किशोर गंभीर रूप से घायल बेरीनाग बाजार से घर लौट रहे अमित सिंह बोरा पर प्राथमिक पाठशाला ठांगा के पास अचानक तेंदुए ने हमला बोल दिया। अमित की चीख सुनकर परिजनों और आसपास के लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद तेंदुआ जंगल की ओर भाग निकला। हमले में अमित के हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव हुए हैं। आनन-फानन में परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेरीनाग ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत स्थिर बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रात भर क्षेत्र में गश्त की। लाउडस्पीकर से लोगों को शाम ढलने के बाद अकेले बाहर न निकलने, छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ने और महिलाओं को जंगल में अकेले घास काटने न जाने की चेतावनी दी गई। वन क्षेत्राधिकारी चंदा मेहरा ने बताया कि टीम को सतत गश्त के निर्देश दिए गए हैं और ग्रामीणों से घरों के आसपास झाड़ियां साफ करने तथा शाम के समय प्रकाश की व्यवस्था करने की अपील की जा रही है।

थल-चौसला क्षेत्र में भालू का आतंक इधर, थल-चौसला के भटीगांव, हीपा, दड़मौली, अधौली, लेपार्थी, अडखेत समेत कई गांवों में भालू के लगातार दिखाई देने से दहशत का माहौल है। भालू फसलों के साथ-साथ मालटा और संतरे के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि भालू की वजह से महिलाएं पशुओं को चराने और घास काटने जंगल जाना बंद कर चुकी हैं।

हाल ही में चौसला की कला कार्की और सरिता कार्की पांखू से लौटते समय चन्याथी जंगल में भालू से सामना हो गया। शोर मचाने पर भालू पहाड़ी की ओर भाग निकला। भाटीगांव निवासी मनोज पाठक और देवराज रौतेला ने बताया कि भालू ने उनके फलों के पेड़ों को भारी क्षति पहुंचाई है।

वन विभाग ने भालू के आतंक की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वन बीट अधिकारी की अगुवाई में टीम को भटीगांव-चौसला क्षेत्र में भेज दिया है। टीम ग्रamiणों को जागरूक करने के साथ-साथ भालू की मॉनिटरिंग कर रही है।ग्रामीणों ने वन विभाग से शीघ्र दोनों खतरनाक जानवरों को पकड़ने या जंगल के गहरे हिस्सों में खदेड़ने की गुहार लगाई है। क्षेत्र में लगातार बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

About AdminIndia

Check Also

उत्तरकाशी में 4.2 तीव्रता का भूकंप, घरों से बाहर निकले लोग

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। …

error: Content is protected !!