- सभी शाखाओं में मिलेगी ATM सुविधा।
- खरसाड़ी में फिर संचालित होगी बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समिति।
उत्तरकाशी। जनपद में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और युवाओं, महिलाओं एवं किसानों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। बैंक की ओर से जनपद में नौ नई शाखाएं खोले जाने की योजना है। इन सभी नई शाखाओं में ग्राहकों को एटीएम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बैंक की नई पहल के तहत युवाओं, महिलाओं और किसानों को स्वरोजगार के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये तक के ऋण शून्य प्रतिशत (0%) ब्याज दर पर उपलब्ध कराने की योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
सरकारी स्वरोजगार योजनाओं पर भी मिलेगा ऋण
उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक अब उन सरकारी स्वरोजगार योजनाओं के लिए भी ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा, जिन योजनाओं के लिए पूर्व में बैंक की ओर से ऋण उपलब्ध नहीं कराया जाता था। इसके अंतर्गत होमस्टे, MSME, वाहन ऋण सहित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं को शामिल किया जाएगा।
बैंक का फोकस स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, परिवहन, छोटे एवं मध्यम उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष सुविधा
बैंक की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष योजनाएं शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को भारत दर्शन एवं चारधाम यात्रा के लिए यात्रा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं के साथ सामाजिक एवं धार्मिक पर्यटन से जोड़ना है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
जनपद की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से छोटे कारोबार शुरू करने वाली और अपना व्यवसाय स्थापित करने की इच्छुक महिलाओं के लिए भी विशेष योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत महिलाओं को बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान प्रस्तावित है।
बैंक की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।
खरसाड़ी में फिर संचालित होगी बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समिति
इसके अलावा खरसाड़ी में बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समिति (MPACS) को पुनः संचालित किए जाने की दिशा में भी पहल की जा रही है। समिति के दोबारा सक्रिय होने से क्षेत्र के किसानों को कृषि ऋण, बैंकिंग सेवाओं और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
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