नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले पर पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शुक्रवार को विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी हाल में “परीक्षा माफिया” को प्रतिभाशाली छात्रों का भविष्य खराब नहीं करने देगी। इसी के तहत अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा को पूरी तरह ऑनलाइन यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने का फैसला लिया गया है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। छात्रों को परीक्षा शहर चुनने के लिए अतिरिक्त एक सप्ताह का समय दिया जाएगा, जबकि परीक्षा अवधि में 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी जोड़ा गया है। अब परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी।
माफिया किसी योग्य छात्र की सीट न छीन सके
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 3 मई को परीक्षा होने के बाद 7 मई तक एनटीए को शिकायतें मिली थीं कि कुछ प्रश्न तथाकथित “गेस पेपर” से मेल खा रहे हैं। प्रारंभिक जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि शिक्षा माफिया के कारण किसी योग्य छात्र का भविष्य प्रभावित हो, इसलिए परीक्षा रद्द करने जैसा कठोर निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि हम छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। किसी भी प्रतिभाशाली छात्र का हक नहीं छीना जाना चाहिए।”
छात्रों पर नहीं पड़ेगा आर्थिक बोझ
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने स्पष्ट किया है कि री-एग्जाम के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में भी छात्रों को परेशानी न हो। इसके लिए राज्य सरकारों और मुख्यमंत्रियों से समन्वय किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जून में बारिश और मौसम संबंधी चुनौतियों को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं और बैकअप प्लान तैयार किए जाएंगे।
परीक्षा शहर बदलने की सुविधा
एनटीए उम्मीदवारों को एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देगा, जिसमें वे अपनी वर्तमान स्थिति के अनुसार परीक्षा शहर चुन सकेंगे। मंत्री ने कहा कि कई छात्र कोचिंग छोड़कर अपने घर लौट चुके हैं, इसलिए यह सुविधा दी जा रही है। सभी अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।
अगले साल से ऑनलाइन परीक्षा
धर्मेंद्र प्रधान ने स्वीकार किया कि एनटीए के सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध और टेलीग्राम चैनलों के जरिए पेपर लीक जैसी नई चुनौतियां सामने आई हैं। इसी को देखते हुए अगले वर्ष से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि“एनटीए में सुधार की जरूरत है और इसे और मजबूत बनाया जाएगा।”
सीबीआई जांच जारी
पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल Central Bureau of Investigation कर रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच एजेंसी को निष्पक्ष रूप से काम करने दिया जाना चाहिए और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को यह जानकारी है कि कई राज्यों में शिक्षा माफिया सक्रिय हैं और उन पर कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की सुरक्षा और सुविधा पर जोर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्रों की सुरक्षा जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों को अनावश्यक परेशानी न हो। सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुरक्षित और छात्र हितैषी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जाएंगे।
पहाड़ समाचार निष्पक्ष और निर्भीक