देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में विकास की गति को तेज करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा, पर्यटन, शहरी एवं ग्रामीण निकायों और आगामी कुम्भ मेला-2027 से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए ₹1096 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
इस वित्तीय अनुमोदन से राज्य के बुनियादी ढांचे और जन-सुविधाओं में बड़े सुधार की उम्मीद है। स्वीकृत धनराशि का मुख्य विवरण निम्नलिखित है:
शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹380 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को बड़ी राहत देते हुए भारी बजट को हरी झंडी दिखाई है:
-
अशासकीय विद्यालय: प्रारंभिक शिक्षा के तहत सहायता प्राप्त विद्यालयों के कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए ₹160 करोड़ के सापेक्ष ₹80 करोड़ की पहली किस्त जारी की गई है।
-
माध्यमिक शिक्षा: माध्यमिक शिक्षा के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों हेतु ₹300 करोड़ की धनराशि अवमुक्त करने का अनुमोदन किया गया है।
स्थानीय निकायों और पंचायतों को ₹683 करोड़
ग्रामीण और शहरी विकास को मजबूती देने के लिए राज्य वित्त आयोग के तहत बड़ी धनराशि जारी की गई है:
-
शहरी निकाय: समस्त शहरी स्थानीय निकायों को प्रथम त्रैमासिक किस्त के रूप में ₹331.27 करोड़ दिए गए हैं।
-
पंचायतीराज: त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं (जिला, क्षेत्र और ग्राम पंचायत) के लिए कुल ₹352.27 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
कुम्भ मेला-2027 की तैयारियां तेज
हरिद्वार में होने वाले आगामी कुम्भ मेले की तैयारियों के लिए मुख्यमंत्री ने तीन प्रमुख कार्यों हेतु बजट आवंटित किया है:
-
सड़क नवीनीकरण: हरिद्वार के प्रमुख चौकों (शंकराचार्य, देवपुरा, चन्द्राचार्य और आर्यनगर) के आंतरिक मार्गों के सुधार हेतु ₹6.44 करोड़।
-
सौंदर्यीकरण: रानीपुर मोड़, शिव मूर्ति चौक और झंडा चौक जैसे प्रमुख जंक्शनों के सुधार के लिए ₹6.83 करोड़।
-
स्वच्छता: कुम्भ के दौरान सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए ईवी रोड स्वीपिंग मशीनों हेतु ₹5.95 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
पर्यटन और स्थानीय विकास (नैनीताल जनपद)
-
कालाढूंगी: कोटाबाग के पतलिया स्थित गुरूणी नाले पर पुल निर्माण के लिए ₹9.43 करोड़।
-
मुक्तेश्वर: मोहन बाजार में कार पार्किंग निर्माण के लिए ₹9.89 करोड़ (प्रथम किस्त ₹3.95 करोड़)।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। इन योजनाओं के समयबद्ध पूरा होने से स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भी नई संजीवनी मिलेगी।
पहाड़ समाचार निष्पक्ष और निर्भीक