Thursday , 14 May 2026
Breaking News

सरकारी वाहनों के निजी इस्तेमाल पर उठे सवाल, स्कूलों के बाहर दिख रहीं विभागीय गाड़ियां

देहरादून में सरकारी वाहनों के निजी उपयोग को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और संसाधनों के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग का संदेश दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के कई नामी निजी स्कूलों के बाहर सरकारी नंबर प्लेट लगी गाड़ियां बच्चों को छोड़ने और लेने पहुंचती दिखाई दे रही हैं।

राजधानी के सेंट जोजेफ्स, कान्वेंट ऑफ जीजस एंड मैरी, ब्राइटलैंड, समरवैली, दून इंटरनेशनल, एशियन स्कूल, सेंट मैरी और सेंट थॉमस जैसे प्रतिष्ठित स्कूलों के बाहर सुबह और छुट्टी के समय बड़ी संख्या में सरकारी वाहन देखे जा सकते हैं। इनमें कई गाड़ियों पर विभागीय स्टिकर और सरकारी नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से नजर आती हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार इन वाहनों में नेताओं, वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न विभागों से जुड़े लोगों के बच्चे स्कूल आते-जाते हैं। कई मामलों में सरकारी वाहनों के चालक घंटों तक स्कूल परिसर के बाहर इंतजार करते भी दिखाई देते हैं।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब केंद्र सरकार लगातार पेट्रोल-डीजल की बचत और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की अपील कर रही है। हाल ही में राज्य सरकार ने भी कर्मचारियों से सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर कार्यालय आने की पहल शुरू की है।

इसके बावजूद सरकारी संसाधनों के निजी उपयोग की तस्वीरें सरकारी अभियानों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर रही हैं। शहर के राजपुर रोड, जीएमएस रोड, ईसी रोड, सहारनपुर रोड और डालनवाला क्षेत्र में स्थित कई स्कूलों के बाहर रोजाना ऐसे वाहन देखे जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल समय में बढ़ते ट्रैफिक दबाव का एक कारण निजी और सरकारी वाहनों की अत्यधिक आवाजाही भी है। कई बार एक ही बच्चे को छोड़ने के लिए अलग वाहन स्कूल पहुंचता है, जिससे सड़क पर अनावश्यक भीड़ बढ़ती है और ईंधन की खपत भी अधिक होती है।

प्रशासनिक नियमों के अनुसार सरकारी वाहनों का उपयोग केवल अधिकृत सरकारी कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। परिवार के सदस्यों के नियमित निजी आवागमन के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल नियमों की भावना के विपरीत माना जाता है, जब तक संबंधित अधिकारी को विशेष सुविधा प्राप्त न हो। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब आम लोगों और कर्मचारियों से ईंधन बचाने की अपील की जा रही है, तब सरकारी वाहनों के निजी उपयोग पर नियंत्रण कब और कैसे लगाया जाएगा।

About AdminIndia

Check Also

उत्तराखंड : बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेती तबाह, 522 किसानों की फसलें प्रभावित

उत्तराखंड में इस बार गर्मी शुरू होते ही मौसम ने अचानक करवट ले ली। प्रदेशभर …

error: Content is protected !!