देहरादून। उत्तराखंड में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अगले चार दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। विशेष रूप से पर्वतीय जिलों में मौसम का असर अधिक रहने की आशंका है। लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
9 अगस्त: बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज के साथ अति तीव्र से अत्यंत तीव्र बारिश के दौर और आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना है।
10 अगस्त: देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। वहीं देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में गरज के साथ अति तीव्र से अत्यंत तीव्र बारिश और बिजली चमकने का खतरा भी रहेगा। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है।
11 अगस्त: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश के दौर हो सकते हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। देहरादून, टिहरी और बागेश्वर में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
12 अगस्त: पर्वतीय क्षेत्रों में गरज के साथ तीव्र से अति तीव्र बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं गरज के साथ बिजली चमक सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश के दौरान पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन, मलबा आने, सड़कें अवरुद्ध होने और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने तथा अनावश्यक रूप से जोखिम वाले क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
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